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kya aap chinta karte hen ?

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kya aap chinta karte hen ?

चिंता ऐसी बीमारी है। जो आपके मन की सारी खुशियां छीन लेती है। बहुत ज्यादा चिंता करने वाला इंसान अपने जीवन में कभी खुश नहीं रह सकता।
चिंता में डूबा हुआ इंसान किसी भी बात से खुश नहीं होता है। एक ही बात को लेकर लगातार सोचता रहेगा सोचता रहेगा। ऐसे लोग हमेशा एक मायूसी और दुख की ऊर्जा कहे तो नेगेटिव एनर्जी को ग्रहण करता है
कोई भी उत्सव हो कोई भी त्यौहार हो कोई भी चीज ऐसे लोगों को खुश नहीं कर पाती। परिवार में अगर एक इंसान भी ज्यादा चिंता करता है। तो उसका प्रभाव पूरे परिवार में पड़ता है। सारे घर में वही नेगेटिव एनर्जी फैलाता रहता है ऐसे घर में कोई खुश नहीं रह पाता है।

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ऐसे लोग धीरे-धीरे अपनी आदत बना लेते हैं छोटी-छोटी बातों पर टेंशन करना और एक बात और बताऊं दोस्तों जो इंसान बहुत ज्यादा चिंता करता है फिर उसमें चिड़चिड़ापन अशांति बेचैनी देर रात तक नींद ना आना यह सारी बीमारियां लग जाती हैं।

और ब्लड प्रेशर शुगर हार्ड, इन सब को बीमारियां पकड़ लेतीं है ।
जो इंसान चिंता ज्यादा करते हैं बो लोग कहते हैं आपको क्या पता हमारी लाइफ के बारे में लाइफ हमारी कैसी है हमारे ऊपर इतनी टेंशन है कि आप कोई समाधान नहीं कर पाएंगे। दोस्तों आपके ऊपर परेशानी है इसका मतलब ये आप चिंता में दुब जाएं और अपने परिवार को भी चिंता में ढकेल दें ।

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दोस्तों चिंता एक ऐसा जहर है जो आपका कल तो कभी अच्छा नहीं कर सकता परंतु आपका आज बिल्कुल बिगाड़ देता है बर्बाद कर देता है। और तो और आपके घर परिवार की खुशियां भी छीन लेता है

वास्तव में चिंता क्या है ऐसा ना हो वैसा ना हो अगर ऐसा हो गया तो क्या होगा अगर वैसा हो गया तो क्या होगा यह सब चीजें परेशान करती रहती हैं। इसका सीधा सा मतलब है कि आप चिंता बहुत ज्यादा कर रहे हैं जो आपके कंट्रोल से बाहर हैं आप धीरे धीरे खुद और अपने परिवार को नकारात्मकता की तरफ धकेल रहे हैं

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जो हुआ नहीं है उसके बारे में आप क्यों सोचते हैं. आप सोंच सोंच कर कौन से स्वर्ग खड़ा कर लेंगे। हां दोस्तों सत्य है हो सकता है आपको कड़वा लगे कि आप चिंता करके कौन सा स्वर्ग खड़ा कर लेंगे। इस बात का उत्तर यदि हो तो मुझे बताएं

दोस्तों आप चिंता उन बातों को लेकर करते हो जो आपके बस में नहीं। और जो आपके बस में नहीं उनको सोचकर चिंता किस बात की। चिंता करके अपना भविष्य बेकार ना करें बल्कि वर्तमान में जियें खुश रहें।

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और मैं आपको बताता हूं की खुशी के लिए किसी बड़े उत्सव या समय का इंतजार ना करें। आप यह सोचे कि ईश्वर ने जो आपको नई सुबह दी है उसका भरपूर आनंद लें जो होना है होता रहेगा।

हम सोच सोच कर अपना वर्तमान क्यों खराब करें। हर बात में बहुत ज्यादा दिमाग मत चलाओ खुश रहने की कोशिस करो।
तो दोस्तों ज्यादा सीरियस होने की जरूरत नहीं है। कुछ करो या मत करो अपना मन भारी मत करो। देखो प्रॉब्लम हर किसी की जिंदगी में होती है। हर किसी की फैमिली में होती है। आप कोई पहले इंसान नहीं है जिसकी जिंदगी में कोई प्रॉब्लम है।

सब का यही रोना होता है। आप यह समझो आपने दुनिया का कोई ठेका नहीं ले रखा है सब कुछ ठीक करने का। आप खुद को खुश रखो बहुत हो गया कई बार लोग अपनी बात किसी से शेयर नहीं कर पाते और अंदर ही अंदर घुटते रहते हैं। और उसकी वजह से कई बार वे लोग डिप्रेशन का शिकार हो जाते हैं। जो कि एक घातक स्तर तक पहुंच जाता है।

तो मैं फिर से कहूंगा आप अपने मन से डर निकाले और किसी भी प्रकार की चिंता या परेशानी है उसको अपने परिवार में शेयर करें। जिससे आपके मन का बोझ हल्का होगा और आप खुलकर जिएंगे याद रखना जब तक आप बात नहीं करोगे तब तक बात बनेगी नहीं।

बात करने से ही बात सुलझती है। डरो मत चिंता मत करो और अपने परिवार में बात करो बोलो बताओ जो बात आपको अंदर ही अंदर खा रही है। उसे कहने की हिम्मत करो रिश्ते संभालने के चक्कर में आप खुद को ही मत घुमा देना। आपके डर की वजह से आपकी जिंदगी और जो आपके अपनों हैं उनकी जिंदगी की खुशियां भी खत्म हो रही हैं।

तो दोस्तों छोटी सी जिंदगी है इस जिंदगी में जितना खुश रह सकते हो उतना खुश रहो और दूसरों को भी खुश रखो अपने घर परिवार अपने बच्चों को खुश रखने की कोशिश करो।

ब्यर्थ की चिंता दिमाग से निकाल दो। जो होना है होकर रहेगा यह सोच कर चलो। लेख पढ़ने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद

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अगर आप अपने चिंता की वजह अपने घर या अपने परिवार में किसी के साथ बांट नहीं सकते तो हमसे बांट सकते हैं हम से जो बन पड़ेगा हम वह करेंगे आपकी समस्या का समाधान होगा .
आपकी समस्या और आपकी जानकारी गोपनीय रखी जाएगी

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