05/08/2020 By shiv3376 0

piles treatment in hindi

Bawasir gharelu upchar(Piles)बवासीर घरेलू उपचार
piles in hindi

Bawasir gharelu upchar(home remedies for piles)

piles treatment in hindi

बवासीर कितने प्रकार की होती है piles symptoms

दोस्तों जैसा की हम जानते हैं की Bawasir को पाइल्स के नाम से भी जाना जाता है। असल में ये बीमारी बहुत ही तकलीफ देह होती है इस बीमारी में गुदा के अंदर से बहार तक मस्से हो जाते हैं और ये मस्से बहुत ही तकलीफ देह होते हैं।

जब ये बीमारी ज्यादा पुराणी हो जाती है तब ये भगन्दर का भी रूप ले लेती है आमतौर पर बबासीर मुख्यता 2 प्रकार की होती है एक बादी बबासीर और दूसरी खूनी बबासीर दोनों के प्रकार अलग होते हैं

खूनी बवासीर

दोस्तों खुनी बाबारीर में कोई ज्यादा परेशानी तो नहीं होती है लेकिन मलत्याग के दौरान खून आने लगता है और कभी कभी ये समस्या इतनी बढ़ जाती है की पिचकारी की तरह खून आने लगता है और अंदर के मस्से बहार निकल आते हैं उसके बाद हाँथ से दबाने के बाद भी अंदर नहीं जाते हैं

बादी बवासीर ( Bawasir gharelu upchar(Piles)

दोस्तों बादी बबासीर में खून का रिसाब तो नहीं होता है लेकिन मलत्याग के दौरान बड़ी ही परेशानी होती है अगर पेट में कब्ज की शिकायत है तो ये मस्से फूल कर मोटे हो जाते हैं और इनके अंदर खून भी जमा हो जाता है

जो की बहुत ही परेशान करते है रोगी को उठने बैठने में और चलने फिरनी में भी परेशानी होने लगती है। इस में बार बार खुजली और जलन भी होती है। रोगी न तो एक जगह बेथ पता है और ना ही ठीक से चल पाता है

बवासीर के लक्षण Bawasir gharelu upchar(Piles)piles treatment in hindi

जब बबासीर बहुत बड़ जाती है और परेशानी भी बढ़ जाती है। लेकिन चार या पांच दिन के बाद यह फिर से सामान्य रूप में बापस आ जाती है आइये जाने की ये क्या परेशानी पैदा करती है :-

  1. गुदा के पास बहुत कठोर गांठ जैसी बन जाति है । इसमें दर्द बहुत होता है, तथा खून भी आता है।
  2. मल त्याग करने के बाद भी पेट साफ ना हेने का आभास होता रहता है ।
  3. शौच के समय लाल और चमकदार खून आने लगता है ।
  4. मलत्याग करने में बहुत दर्द का सामना करना पड़ता है ।
  5. गुदा के पास में खुजली और लालिमा व सूजन रहती है ।
  6. बार-बार शौंच की इच्छा होने लगती है।

इन सब को बिलकुल भी नजर अंदाज नहीं कर सकते हैं। अगर आप को ये लक्षण दिखें तो जल्द से जल्द अपने डॉक्टर से मिलें

पाइल्स का घरेलू उपचार piles treatment in hindi

नींबू से पाइल्स का घरेलू इलाज Use of Lemon to Cure Piles in Hindi

नींबू और अदरक का सेवन करें आधे नींबू के रस में आधा इंच अदरक का टुकड़ा कुचल कर मिला लें और इसे सुबह खाली पेट गर्म पानी से चबा चबा कर खाएं यह नुस्खा पेट साफ करने में कारगर है दोस्तों जैसा कि हम जानते हैं कि नींबू में विटामिंस और एसिड पाए जाते हैं जो पेट साफ करने में सहायक होते हैं और कब्ज का नाश करते हैं

पाइल्स का घरेलू उपचार पपीते से करें Benefits of Papaya in Piles Disease

यदि आपका पेट खराब रहता है तो आप पपीते का सेवन करना शुरू कर दें पपीता पेट के लिए रामबाण औषधि मानी गई है कुछ लोग पपीते का चूर्ण खाते हैं पपीते के चूर्ण से पेट की कब्ज खत्म होती है यदि आपके पास पपीते का चूर्ण मौजूद नहीं है तो आप पका हुआ पपीता खाना शुरू कर दें इससे पेट साफ रहता है कब्ज की समस्या खत्म होती है यदि आप पपीते का सिरका खाएंगे उससे भी बवासीर में लाभ होगा

बवासीर रोग में पका केला

दो से तीन पके हुए केले को उबा लें इसके बाद इन्हें कुचल कर दो खुराक बनाएं एक सुबह खाली पेट और एक शाम को खाने के बाद उसको एक गिलास गर्म पानी में मिलाकर लेने से मस्से वाली बवासीर में राहत मिलती है मस्से वाली बवासीर मल त्याग करते समय अत्यधिक परेशान करती है इस नुस्खे से आपको मल त्याग करने में परेशानी नहीं होगी एवं कब्ज भी खत्म हो जाएगी

बवासीर में गर्म पानी का इस्तमाल Uses of Hot Water in Piles Treatment

यदि आपको बवासीर का कारण दर्द अत्यधिक हो रहा है और दर्द निवारक दवाई खाने के बाद भी दर्द में राहत नहीं मिलती ऐसे में आप एक टब में गरम पानी रखें और उसमें 20 मिनट तक बैठ जाए इससे आप के दर्द में तुरंत राहत मिल जाएगी एवं बवासीर के मस्से भी कम हो जाएंगे यह तरीका खूनी बवासीर वाले भी अपना सकते हैं इससे तत्काल दर्द रुक जाता है

बवासीर में कच्ची मूली का सेवन

दोस्तों मस्से वाली बवासीर में कच्ची मूली का सेवन लाभदायक होता है यदि आपको मस्सों के कारण अत्यधिक परेशानी हो रही है तो आप भोजन के साथ सलाद के रूप में कच्ची मूली का सेवन अवश्य करें नियमित रूप से करें इससे आपको काफी हद तक आराम हो जाएगा

बवासीर में खान-पान परहेज Your Diet in Bawasir or Hemorrhoids

फल एवं सब्जियाँ अधिक मात्रा में खाएं

  • रोजाना 8-10 गिलास पानी पिएं।
  • नियमित रूप से मट्ठे का सेवन करें।
  • नियमित रूप से व्यायाम एवं प्राणायाम जरूर करें।
  • ज्यादा देर तक एक ही जगह पर बैठे ना रहें।

बवासीर की बिमारी में परहेज Avoid These in Piles or Hemorrhoids

अगर आप बबासीर का इलाज करवा रहे हैं या बवासीर से परेशान हैं तो इन चीजों का परहेज करना पड़ेगा

  • जंक-फूड
  • तला हुआ और अधिक मिर्च-मसाले युक्त खाने का सेवन बिल्कुल न करें।

बवासीर के कारण होने वाली दूसरी बीमारियां होती हैं?

बवासीर की बीमारी एक ऐसी बीमारी है जो पेट की कब्ज से जन्म लेती है और जैसा कि हम जानते हैं की पेट की कब्ज कई गंभीर बीमारियों को जन्म देती है जैसे कि कब्ज हमारे भोजन को ठीक तरह से पचने नहीं देती जिससे हमें कुछ समय के बाद कमजोरी का एहसास होने लगता है बवासीर का भी मुख्य कारण पेट की कब्ज ही है खूनी बवासीर में खून अधिक बह जाने के कारण खून की कमी हो सकती है आंखों की रोशनी कमजोर हो सकती है आंखों के नीचे काले धब्बे आ सकते हैं और भी कई बीमारियां हैं जो कब्ज की वजह से उभर कर सामने आती है जैसे शरीर में कहीं पर एग्जिमा हो सकता है दाद या खुजली हो जाना

सर्जरी के बाद बवासीर दोबारा हो सकता है?

आयुर्वेदिक एवं घरेलू इलाज के द्वारा आप बवासीर को कंट्रोल में कर सकते हैं परंतु आधुनिक चिकित्सा विज्ञान में सर्जरी ही इसका एकमात्र समाधान है, और सर्जरी के बाद भी यह रोग दोबारा होने की संभाबना रहती है। इसलिए घरेलू उपचार और बेहतर जीवनशैली अपनाना चाहिए।

Bawasir gharelu upchar(Piles)बवासीर घरेलू उपचार

गिलोय के फायदे